जनरल मोटर्स डाइट (GM Diet) प्लान को खासतौर पर वजन घटाने के लिए ही तैयार किया गया है। यह डायट प्लान सिर्फ सात दिन का होता है और सभी सातों दिन आपको कब और किस तरह के आहार का सेवन करना है इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है। यह डायट प्लान नियमित एक्सरसाइज और वर्कआउट को प्रोत्साहित नहीं करता है। इस दौरान आपको पूरे हफ्ते फल, सब्जियां, ब्राउन राइस और सी-फूड को भोजन के रूप में लेना होता है जिनमें सभी आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इन सब के माध्यम से आप मात्र सात दिन में 7 से 8 किलोग्राम वजन कम कर सकते हैं। लेकिन यह डायट प्लान आपका वजन इतनी तेजी से कम करता है कि इसके कई दुष्प्रभाव हैं, आइए इस डायट प्लान के दुष्प्रभावों के बारे में जानते हैं।
GM डाइट के दुष्प्रभाव
ओन्ली माई हेल्थ से बातचीत में सेलेब्रिटी डायटीशियन और नमामि लाइफ की फाउंडर नमामि अग्रवाल कहती हैं, ''जीएम डाइट या जनरल मोटर की डाइट वेट वॉचर्स के बीच काफी लोकप्रिय है, लेकिन निश्चित रूप से यह वजन कम करने का एक स्वस्थ तरीका नहीं है। यह एक अत्यंत कैलोरी-प्रतिबंधित डाइट है, जिसे प्रत्येक दिन के लिए विशिष्ट डाइट प्लान के साथ 7 दिनों की अवधि के लिए माना जाता है। जीएम डाइट में ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जो इसके लंबे दावों का समर्थन करता हो। इसका एकमात्र एजेंडा तेजी से वजन कम करना है लेकिन आपके स्वास्थ्य की कीमत पर।''
डायटीशियन नमामि अग्रवाल आगे बताती हैं, '' जीएम डाइट शरीर में पोषण संबंधी कमियों और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन को जन्म दे सकती है। दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों को करने के लिए आपके शरीर को हर दिन विभिन्न पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। ऐसे में निरंतरता में 7 दिनों के लिए प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, कार्ब्स, वसा और खनिज जैसे पोषक तत्वों को प्रतिबंधित करना वास्तव में हानिकारक हो सकता है। इस प्रकार का डाइट प्लान अस्वास्थ्यकर है। वास्तव में, डाइट प्लान को डिच करने के बाद, आप पहले की तुलना में बहुत तेजी से वजन बढ़ा सकते हैं, क्योंकि ऐसे आहार मेटाबॉलिक दर को काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं।''
मेंटल फॉग का भी बन सकती है कारण
डायटीशियन नमामि अग्रवाल बताती हैं, कम शब्दों में कहा जाए, तो जीएम डाइट मस्तिष्क स्वास्थ्य, आंत स्वास्थ्य, हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है और सुस्त त्वचा और बालों के झड़ने का कारण भी बन सकती है। इस डाइट का एक गंभीर दुष्प्रभाव "मेंटल फॉग" है। यह तब होता है, जब आपके मस्तिष्क में कार्ब्स और अन्य पोषक तत्वों की कमी के कारण सामान्य रूप से कार्य नहीं होता है। इसके अलावा, जीएम डाइट से कब्ज, सिरदर्द और थकान हो सकती है। वहीं यह मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कभी भी इस डाइट को अपनाने पर विचार नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं।"
आइए यहां जीएम डाइट के कुछ अन्य दुष्प्रभावों के बारे में जानते हैं:
निश्चित नही है यह डायट
इस छोटे आहार का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव यह है कि यह अनिश्चित होता है। इस आहार के सेवन पर कई तरह के सीमाएं और प्रतिबंध होते हैं, जिससे कुपोषण का खतरा भी हो सकता है। आपको इसका ख्याल रखना चाहिए कि यह एक सनक आहार है और इसका सेवन लंबे समय तक वजन घटाने में मदद नहीं कर सकता है।
सभी के लिए उपयुक्त नहीं
सख्त सीमाएं होने के कारण हर कोई इस डाइट प्लान का पालन नहीं कर सकता है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को निश्चित रूप से इस आहार का पालन नहीं करना चाहिए। यह उन लोगों के लिए भी फायदेमंद नहीं है जिन्हें गठिया या हृदय रोग हैं। इस डाइट को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
मांसपेशियों हो सकती है कमजोर
इस आहार को सेवन करने से आपकी मांसपेशियां कमजोर हो सकती है, जो आपके स्वस्थ्य के लिए बिल्कुल ठीक नही है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कुछ दिनों के लिए मांसपेशियों के कोशिकाओं को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन से वंचित किया जाता है। इससे शारीरिक कमजोरी भी हो सकती है।
मेटाबोलिज्म घटाए
इस डायट में कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है जिसके कारण ये आपके चयापचय दर को कम कर सकता है, और भविष्य में वजन घटाने में आपको काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आमतौर पर जब लोग सामान्य आहार खाना शुरू करते हैं तो उनका वजन बढ़ने लगता है।
अत्याधिक सिरदर्द होना
इस आहार का सेवन जब आप शुरू करते हैं तो आपको इससे अस्वस्थता और सिरदर्द भी महशूश हो सकता है। आप ऐसा इसलिए अनुभव करते हैं क्योंकि शरीर को किसी भी आहार की आदत डालने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए होता है।
बालों का झड़ना
आपके बालों की मजबूती के लिए फोलेट, आयरन और प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जो जीएम डायट में नही पाया जाता है। हालांकि इस आहार में फाइबर की मात्रा होती है लेकिन इसमें प्रमुख विटामिन्स और मिनरल्स की कमी होती है। इस डाइट को पालन करने के बाद जिन लोगों के बाल कम झड़ते हैं उनके बाल ज्यादा झरना शुरू हो जाते हैंं।